मोतिहारी के बंगाली समाज में छठ पर्व के प्रति गहरी आस्था है। परिवारों द्वारा पिछले कई वर्षों से छठ व्रत किया जा रहा है, सूर्योपासना के प्रसिद्ध पर्व छठ के प्रति नगर के बंगाली समाज में असीम आस्था है। बंगाली समाज के व्रतियों के अनुसार छठ व्रत करने से सभी कामनाओं की पूर्ति होती जाती है। साथ ही परिवार में सुख-शांति कायम रहती है। चांदमारी लाल बंगला निवासी सजल कुमार मित्रा बताते हैं कि उनके परिवार में विगत पैंतीस वर्षों से छठ होता रहा है। घर पर ही पोखरा बनाकर उसमें खड़े होकर मेरे परिवार के व्रतियों सहित नगर के बंगाली समाज छठे करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि छठ व्रत करने से मन में जो इच्छा रहती है,वह जल्द से जल्द पूरी हो जाती है। वहीं बंगाली पुरोहित दीवाकर भट्टाचार्य बताते हैं कि उनके परिवार में लगभग एक सौ वर्षों से छठ होते आ रहा है। पहले उनकी दादी करती थी ,उनके बाद उनके पिताजी अब वे करते हैं। वे लोग अपने ही घर के छत पर घाट बनाकर छठ करते हैं। उनके सभी पड़ोसी उनके ही घर आकर छठी माता की पूजा करते हैं।छतौनी के पुष्कर बनर्जी बताते हैं कि सूर्योपासना के प्रसिद्ध पर्व छठ पर मिस्कॉट के सुमीत मित्रा सहित सपरिवार बंगाली समुदाय बड़ी संख्या में शामिल होता है।वहीं श्रीकृष्ण नगर के नंददास कुंदु के परिवार में भी कई सालों से छठ होते आ रहा है।